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Utkarsh Hindi Pathmala - 4

Utkarsh Hindi Pathmala - 4

Author(s) : Pradeep Kumar Jain & Virendra Jain

Book/Series Summary—
 
उत्कर्ष हिंदी पाठमाला वर्ष 2014 में प्रकाशित होनेवाली नवीन श्रृंखला है। इसमें I.C.S.E. एवं विविध राज्य बोर्डों के सभी दिशानिर्देशों का पालन‌ किया गया है। ‌Learning Without Burden को ध्यान में रखते हुए यह पाठमाला Text-cum-Workbook पद्‌धति पर तैयार की गई है। इस पाठमाला में परंपरा का निर्वाह और आधुनिकता का समावेश सहज ढंग से किया गया है।
राष्‍ट्रीय पाठ्यचर्या ‌(N.C.F. 2005), I.C.S.E. एवं विविध राज्य बोर्डों के दिशानिर्देशों के अनुरूप तैयार की गई इस पाठमाला में केंद्रीय हिंदी निदेशालय द्‌वारा निर्धारित मानक वर्तनी का उपयोग किया गया है। हिंदी गद्‌य और पद्‌य की विविध विधाओं का समावेश किया गया है। पुस्तक के आरंभिक पृष्‍ठों पर पाठ-मूल्यांकन, पाठ्यक्रम एवं अंक-विभाजन शामिल किए गए हैं। पाठों का निर्माण हिंदी सहित विभिन्न भारतीय और विदेशी भाषाओं की रचनाओं से किया गया है। प्रसिद्‌ध लेखकों की रचनाओं के साथ ही च‌र्चित एवं गणमान्य व्यक्तियों के जीवनोपयोगी प्रेरक-प्रसंग या लेख भी शामिल किए गए हैं। शिक्षार्थी रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से अपना‌ विकास कर सकें इसलिए पाठों की संख्या अपेक्षाकृत कम रखी गई है। प्रवेशिका, भाग-‌1 और ‌2 में बहुरंगी सुंदर चित्रों द्‌वारा वर्णमाला और मात्राओं का ज्ञान सिखाया गया है। प्रत्येक पाठ में ‘आज का विचार’ ‌Valuable Thoughts के रुप में महान लोगों के सूक्‍तवाक्य और कहावतें शामिल की गई हैं।
इस पाठमाला में हिंदी गद्‌य और पद्‌य की लगभग सभी विधाओं— कविता, कहानी, हास्यकथा, व्यंग्य, ललित निबंध, एकांकी, संस्मरण, आत्मकथांश, पत्र, रिपोर्ताज़, जीवनी, यात्रा-विवरण आदि को शामिल किया गया है। देश-विदेश की ऐतिहासिक घटनाओं, स्‍थानों, आविष्कारों, उप‌ल‌ब्धियों, विकलांग-जीवन, सैन्य-जीवन, स्‍त्री-शक्ति, विज्ञान और ललितकलाओं पर आधारित पाठों का निर्माण किया गया है।
पाठ-अभ्यास में HOTS, M.I. और Web Links दिए गए हैं। इसके अतिरिक्‍‌त ‌सम-सामयिक विषयों पर अपठित गद्‌यांश, पद्‌यांश, लेखक-परिचय, मनोरंजक सामग्री, चिंतन तथा अध्ययन कौशलों का पर्याप्‍त समावेश किया गया है।
पाठों का आरंभ ‘आप जानते ही हैं’ उपशीर्षक से इस विश्‍वास के साथ किया गया है कि शिक्षार्थी पहले से ही बहुत कुछ जानते हैं। फिर ‘पाठ-प्रवेश’ के रूप में पाठ के पठन के प्रति जिज्ञासा का भाव जगाया गया है। पाठ समा‌प्‍ति पर ‘इस पाठ से हमने जाना’ उपशीर्षक के अंतर्गत पाठ के भाव-सार की आवृत्‍ति की गई है। अभ्यासों के अंत में ‘यह भी जानिए’ तथा ‘चलते-चलते’ शीर्षक के अंतर्गत कुछ अतिरिक्‍त ‌जानकारियाँ दी गई हैं।
रचनात्मक गतिविधियाँ के लिए शिक्षार्थियों को अनेक गतिविधियाँ सुझाई गई हैं। ई-मेल,
ई-इनवाइट्स आदि को शैक्षिक परिवेश का हिस्‍सा बनाया गया है। शिक्षा में उपकरणों एवं तकनीक (technique and tools) की उपयोगिता के लिए वेबसाइट्स, रचनाओं और पुस्तकों का भी उल्‍लेख किया
गया है।
पाठ्यपुस्तक में सुझावित प्रश्‍नपत्र भी शामिल किए गए हैं जिनका निर्माण और अंक विभाजन
‌Unit-I&II और अद्‌र्धवार्षिक / वार्षिक पाठ्यक्रम के आधार पर किया गया है।
 

Book Details