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हिन्दी दिवस समारोह

posted by: 2019-Sep-14

हिंदी दिवस, 14 सितंबर 2019 ‘हिंदी हैं हम’

(एन.एस.यू.आई. ऑडिटोरियम , नई दिल्ली)

मधुबन बुक्स द्वारा हिंदी दिवस पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन
‘हिंदी हैं हम वतन हैं, हिंदोस्तां हमारा'  इन पंक्तियों को चरितार्थ करते हुए 14 सितंबर, 2019 दिल्ली के एन.एस.यू.आई. ऑडिटोरियम में मधुबन एजूकेशनल बुक्स द्वारा हिंदी दिवस के अवसर पर एक अखिल भारतीय कार्यक्रम ‘हिंदी हैं हम’ का आयोजन किया गया| कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलाचरण से हुआ | कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारतीय सांस्कृतिक संबध परिषद् के महानिदेशक श्री अखिलेश मिश्र जी थे| इसके साथ ही विशिष्ट अतिथियों में भारतीय ज्ञानपीठ के निदेशक श्री मधुसूदन आनंद, हिन्दुस्तान की कार्यकारी संपादिका श्रीमती जयंती रंगनाथन, आकाशवाणी के भूतपूर्व महानिदेशक श्री राजीव कुमार शुक्ल, आजतक के एंकर सईद अंसारी तथा एनसीआरटी के सह प्राध्यापक श्री नीलकंठ आदि की उपस्थिति एवं विचारों ने इस कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिया| मधुबन के व्यवसाय प्रमुख श्री नवीन राजलानी ने बताया कि  मधुबन पिछले कई दशकों से कक्षा एक से बारह तक की हिंदी की उत्कृष्ट पुस्तकों के निर्माण द्वारा हिंदी को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रिय बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है| 
 

अपने इसी प्रयास को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से हिंदी दिवस को एक महापर्व के रूप में मनाने को प्रतिबद्ध यह संस्थान प्रत्येक वर्ष हिंदी शिक्षण में विशिष्ट योगदान देने वाले कुछ शिक्षकों को सम्मानित करता है| इस वर्ष भारतवर्ष के लगभग 120 शिक्षक/शिक्षिकाओं को प्रशस्ति पत्र तथा स्मृति चिन्ह द्वारा सम्मानित किया गया| इतना ही नहीं भावी पीढ़ी हिंदी के प्रति अपनी रुचि को बनाए रखे इस उद्देश्य से वर्ष 2018-19 की 10वीं की बोर्ड परीक्षाओं में हिंदी विषय में उत्कृष्ट अंक पानेवाले पूरे भारत के लगभग 500 छात्र/छात्राओं को भी ‘उत्कृष्टता प्रमाण पत्र’ तथा ‘स्मृति चिन्ह’ द्वारा सम्मानित किया गया| विचार गोष्टी तथा शिक्षक सम्मान समारोह के साथ-साथ कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण विश्वप्रसिद्ध कव्वाल ‘युसुफ़ खान निज़ामी’ द्वारा प्रस्तुत कव्वाली भी रही| 

 

हिंदी दिवस पर इस कार्यक्रम के आयोजन तथा विचार गोष्ठी में प्रबुद्ध विचारकों के विचारों से संपूर्ण सभागार आप्लावित हो उठा| मधुबन एजूकेशनल बुक्स की प्रतिबद्धता हिंदी के प्रचार-प्रसार, स्कूली स्तर से ही इसकी शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार तथा डिजिटल वर्ल्ड से हिंदी को जोड़ने के प्रति स्पष्ट रूप से झलक रही थी| डॉ. प्रदीप जैन तथा मधुबन की प्रबंध संपादिका श्रीमती योगिता भाटिया के कुशल संचालन ने पूरी सभा का मन मोह लिया| तीन चरणों; विचार गोष्ठी, सम्मान समारोह एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम में विभाजित इस आयोजन ने एक नव कीर्तिमान स्थापित किया| कार्यक्रम के सफल आयोजन में मधुबन की श्रीमती प्रगति बोस, अभिलाषा भाटिया, श्रवण गुप्ता, ललित मोहन रावत, संजना प्रियदर्शनी  तथा समस्त मधुबन परिवार का विशेष योगदान रहा| भविष्य में इसी गर्मजोशी एवं सकारात्मक ऊर्जा के साथ हिंदी के विश्वस्तरीय विस्तार हेतु संस्थान कार्य करता रहेगा, इसी वचनबद्धता के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ| 

                                                           जय हिंद, जय हिंदी!

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